Sunday, August 1, 2010

navayug mein

नव युग में सब लड़कियां रखती है ये आस
शादी उस घर हो जहाँ गुजर चुकी हो सास
गुजर चुकी हो सास अगर होवे भी जिन्दा
हफ्ते भर में मरे लगा फंसी का फंदा
मर कर जो जिंदगी बहू कि स्वर्ग बनावे
कह मिश्रा कवि ऐसी saas  बहू को भावे

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